राम नाम के हीरे मोती मैं बिखराऊ गली गली

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

राम नाम के हीरे मोती मैं बिखराऊ गली गली,

लूट सको तो लूट लो बिन दाम लुटाऊ गली गली,

राम नाम के हीरे मोती मैं बिखराऊ गली गली,

लूट सको तो लूट लो बिन दाम लुटाऊ गली गली,

राम नाम के हीरे मोती.....

जिस जिस ने लुटे ये मोती वो सब मालामाल हुए,

जिस जिस ने लुटे ये मोती वो सब मालामाल हुए,

जो माया के बने पुजारी आखिर वे कंगाल हुए,

आखिर वे कंगाल हुए,

राम नाम तेरे संग जायेगा,

राम नाम तेरे संग जायेगा ये समझाऊ घड़ी घड़ी,

लूट सको तो लूट लो बिन दाम लुटाऊ गली गली,

राम नाम के हीरे मोती....

याद करो भक्तो ने कैसे हरी का दर्शन पाया है,

याद करो भक्तो ने कैसे हरी का दर्शन पाया है,

और प्रभु ने कैसे अपने भक्तो को अपनाया है,

भक्तो को अपनाया है,

तुलसी मीरा नंदा के,

तुलसी मीरा नंदा के इतिहास सुनाऊ गली गली,

लूट सको तो लूट लो बिन दाम लुटाऊ गली गली,

राम नाम के हीरे मोती....

जब तक आशा झूटे जग की तब तक होता ज्ञान नही,

जब तक आशा झूटे जग की तब तक होता ज्ञान नही,

इस जग में है सभी भिखारी यहाँ कोई धनवान नही,

यहाँ कोई धनवान नही,

जगत सेठ उस सावल शाह का,

जगत सेठ उस सावल शाह का नाम जपाऊ गली गली,

लूट सको तो लूट लो बिन दाम लुटाऊ गली गली,

राम नाम के हीरे मोती....

माया दौलत वालो को बस झूठी राह दिखाती है,

माया दौलत वालो को बस झूठी राह दिखाती है,

परमारथ का पंथ छुड़ा कर अपना नाच नचाती है,

अपना नाच नचाती है,

माया का अभिमान छोड़ दो,

माया का अभिमान छोड़ दो ये समझाऊ गली गली,

लूट सको तो लूट लो बिन दाम लुटाऊ गली गली,

राम नाम के हीरे मोती मैं बिखराऊ गली गली,

लूट सको तो लूट लो बिन दाम लुटाऊ गली गली,

राम नाम के हीरे मोती मैं बिखराऊ गली गली,

लूट सको तो लूट लो बिन दाम लुटाऊ गली गली,

राम नाम के हीरे मोती.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।