फागुन मेला आ गया जी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सजा है सुन्दर सा दरबार उसमे बैठे लखदातार,

लाखों की है भीड़ अपार लम्बी लम्बी लगी कतार,

फागुन मेला आ गया देखो फागुन मेला आ गया,

फागुन मेला आ गया जी देखो फागुन मेला आ गया.....

आ गया... आ गया सांवरे का सतरंगी मेला आ गया,

श्याम सुनले मेरी एक प्यार से पुकार,

आ गया....

मंदिर के आगे श्याम दीवाने धक्का मुक्की खाये हैं,

लब से देखो फिर भी बाबा ये श्याम श्याम ही गाये हैं,

खाटू नगरी सजी है आज बड़ा अनोखा ये त्यौहार,

फागुन मेला आ गया देखो फागुन मेला आ गया,

फागुन मेला आ गया जी देखो फागुन मेला आ गया.....

आ गया... आ गया सांवरे का सतरंगी मेला आ गया,

श्याम सुनले मेरी एक प्यार से पुकार,

आ गया....

केसरिया लागे है धरती होती है जय जयकार है,

सब दूर दूर से आये दीवाने बांके सेवादार है,

चूक ना जाना मौका यार संग में ले लो सब परिवार,

फागुन मेला आ गया देखो फागुन मेला आ गया,

फागुन मेला आ गया जी देखो फागुन मेला आ गया.....

आ गया... आ गया सांवरे का सतरंगी मेला आ गया,

श्याम सुनले मेरी एक प्यार से पुकार,

आ गया...

फागुन की ग्यारस पे भक्तों ये मेला फिर से आता है,

जो खाटू नगरी जाता है वो श्याम की सेवा पाता है,

लुटा रहा है हाथ पसार बैठा खाटू का सरदार,

फागुन मेला आ गया देखो फागुन मेला आ गया,

फागुन मेला आ गया जी देखो फागुन मेला आ गया.....

आ गया... आ गया सांवरे का सतरंगी मेला आ गया,

श्याम सुनले मेरी एक प्यार से पुकार,

आ गया....

रींगस से खाटू तक देखो लगता मेला ही मेला है,

मेरा बाबा सबके साथ चले सत्य नहीं कोई अकेला है,

भारती करती क्यों तू विचार लेले ध्वजा हो जा तैयार,

फागुन मेला आ गया देखो फागुन मेला आ गया,

फागुन मेला आ गया जी देखो फागुन मेला आ गया....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।