अरे सुतो राणा सुख भर नींद में वादी राणा ये

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॥ पावन पाठ ॥

अरे सुतो राणा सुख भर नींद में वादी राणा ये

सूता रे राणा सपनो आवी य

आयो आयो अल जुलम वादी राणा

मीरा ने देखीयो भगवा वेश में

उठो उठो साथीडा अब घोड़लिया शृंगारो रे

मीरा मीरखान भगवा पहनिया

अरे ढलती रात मझल राणा घोड़लिया शृंगारो जी

दिलडो उगा रे मीरा रे देश में

अरे सामी मीलगयो गाया रो ग्वाल वेदी राणा रे

धरडो बता दे रे मीरा रे बाग रो

अरे ढाबी ढाबी ढाणी द्वारका में जावे रे

जीवन री धनी मीरा रे देश में

अरे सामी मीलगी पानी री पनिहार वेदी राणा ने

धरडो बतादे रे मीरा रे बाग में

अरे सूरज सामी गूगा जी पोलम वेदी राणा रे

काली रे चुगे रे मीरा के बहन रे

अरे गुरु मीलगा दास वेदी राणा रे

मीरा ने मीलगी हर की पालकी

Naveen sharma

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।