कैलाश के निवासी

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

कैलाश के निवासी नमो बार बार हूँ,

आयो शरण तिहारी प्रभु तार तार तू,

कैलाश के निवासी नमो बार बार हूँ……

भक्तो को कभी शिव तुने निराश ना किया,

माँगा जिन्हें जो चाहा वरदान दे दिया,

बड़ा हैं तेरा दायजा बड़ा दातार तू,

आयो शरण तिहारी प्रभु तार तार तू…..

बखान क्या करू तेरी मै राखो के ढेर का,

चपटी भभूत में हैं खजाना कुबेर का,

हैं गंग धार मुक्ति द्वार ओंकार तू,

आयो शरण तिहारी प्रभु तार तार तू……

क्या क्या नहीं दिया, हम क्या प्रमाण दे,

बस गए त्रिलोक शम्भू तेरे दान से,

ज़हर पिया, जीवन दिया,

कितना उदार तू कितना उदार तू,

आयो शरण तिहारी प्रभु तार तार तू…….

तेरी कृपा बिना न हींले एक भी अनु,

लेते हैं स्वास तेरी दया से कनु कनु,

कहे दास एक बार मुझको निहार तू,

आयो शरण तिहारी प्रभु तार तार तू…..

कैलाश के निवासी नमो बार बार हूँ,

आयो शरण तिहारी प्रभु तार तार तू……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।