भोले बाबा चले हैं आज

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले बाबा चले हैं आज,

गौरां ब्यावन नं

संग भूतों की लेके बारात,

गौरां बयावन नं॥

दूल्हे राजा है निराला,

गल सर्पों की माला,

गल सर्पों की माला,

जटा में बहती गंगा मैया,

तन पे है मृग छाला,

तन पे है मृग छाला,

देखो डमरू बजाए आज,

डम डम डमरू बजाए आज,

गौरां बयावन नं,

भोले बाबा चले हैं आज.....

ब्रह्मा विष्णु स्वर्गलोक से,

संग देवों के आए,

संग देवों के आए,

शिव गण देखो मस्त मग्न हो,

झूमें नाचें गाए,

झूमें नाचें गाए,

तीनों लोकों का लेके साथ,

तीनों लोकों का लेके साथ,

गोरां ब्यावन नं,

भोले बाबा चले हैं आज....

गौरा मैया बनी दुल्हनियां,

मन इच्छा वर पाए,

मन इच्छा वर पाए,

हाथों में वर माला लेके,

मंद मंद शर्माए,

मंद मंद शर्माए,

संग 'अमित' भी आया है आज,

संग 'अमित' भी आया है आज,

गोरां ब्यावन नं,

भोले शंकर चलें हैं आज....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।