मैने घोड़लियो मंगवा म्हारी

पारंपरिक
श्री राम भजन विविध भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

बालपना में रामदेवजी हटकिलो अतीबारी,

कैइसो हटकिलो रे बालक सोच रही माँ कारी,

की कर मैं इने समझाउ आगी रे मंन में चिंता,

मैने घोड़लियो मंगवा म्हारी मा मैने घोड़लियो मंगवा..

मेनादे सुगना के साथे दर्जी ने बुलावे,

रामदेवरे आके घोड़ो कपड़े रो बनवावे,

जादू रे घोड़लियो दर्जी घड़ ने लावे,

रामदेवजी,

मैने घोड़लियो मंगवा म्हारी माँ मैने घोड़लियो मंगवा....

अरे रंग रगिलो घोड़ो दर्जी सीलने लावे,

अरे लीनी हाथ लगावे रामदेव मंन ही मंन मुस्कावे,

एडी लगा घोड़लियो के रामदेव आकाश उड़ा,

अरे जादू रो घोड़ो म्हारे दर्जी सीलने लावे,

अरे मात-पिता मंन में घवरावे दर्जी के दिखलावे,

अरे दर्जी विनती करवा लागो रामदेवजी कष्ट हरा,

दर्जी ने पर्चो दिखलावे रामदेव अवतारी,

हो हिवड़ा में संतोष दिलाओ राम रूनिचे रा धणिया,

Naveen sharma

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।