म्हारा खाटू रा श्याम

जया किशोरी जी
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

म्हारा खाटू रा श्याम,

थाने आया सरसी,

म्हारा खाटू रा श्याम,

थाने आया सरसी,

क्याने नाटो रंगीला,

रंग लगाया सरसी,

म्हारा खाटू रा श्याम,

थाने आया सरसी,

म्हारा खाटू रा श्याम.....

थारा गाल गुलाबी देख के,

रंग फीको पड़ जावे,

कोई रंग नज़र ना आवे,

थारा दर्शन आ जावे,

ई रंगत ने नखराला,

आज दिखाया सरसी,

म्हारा खाटू रा श्याम,

थाने आया सरसी,

म्हारा खाटू रा श्याम.....

नीली पीली पचरंगी पगड़ी,

सर पर सज रही जी,

मौसम आयो फागण को,

या तो रंग में घुल रही जी,

ऐसो नांचे रंगीलो,

नांच नचाया सरसी,

म्हारा खाटू रा श्याम,

थाने आया सरसी,

म्हारा खाटू रा श्याम.....

होली खेलो सांवरिया,

थे तो मत शर्माओं जी,

मौको आयो रंगीलो,

ई मैं घुल मिल जाओ जी,

जइया चंदा सो मुखड़ो,

आज दिखाया सरसी,

म्हारा खाटू रा श्याम,

थाने आया सरसी,

म्हारा खाटू रा श्याम.....

म्हारा खाटू रा श्याम,

थाने आया सरसी,

म्हारा खाटू रा श्याम,

थाने आया सरसी,

क्याने नाटो रंगीला,

रंग लगाया सरसी,

म्हारा खाटू रा श्याम,

थाने आया सरसी,

म्हारा खाटू रा श्याम.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।