फागण मस्ताना है आया

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

फागण मस्ताना है आया, सारे भक्तां पे रंग छाया,

होली खेलण ने बालाजी, भगत तेरा हरियाणां ते आया,

रूप तेरा प्यारा, लागे न्यारा, चम चम चमके स घोटा,

घणाँ ग़जब तेरा बाणां लागे, एक नज़र में किस्मत जागे,

तोड़ के पीपाड़ा स सोटा, तोड़ के पीपाड़ा स सोटा……

बाल रूप तेरा चंदा सा है, सूरत भी है प्यारी,

लाल गुलाबी रंग लाऊँगा, बात बनेगी न्यारी,

काँधे पीछे काळा टीका, ना लावन में स धोका,

घणाँ ग़जब तेरा बाणां लागे, एक नज़र में किस्मत जागे,

तोड़ के पीपाड़ा स सोटा, तोड़ के पीपाड़ा स सोटा……

सूरज को ये तेज भी बाबा, फ़ैल स तेरे आगे,

बणवासी ने संकट काटे, भीड़ भवन में लागे,

जब तू आवे छींटा लावे, गावे गंगा जल लोटा,

घणाँ ग़जब तेरा बाणां लागे, एक नज़र में किस्मत जागे,

तोड़ के पीपाड़ा स सोटा, तोड़ के पीपाड़ा स सोटा…….

सचिन दहिया सोनीपत में, बोला ने रह्या तौल कती,

गुरु मुरारी ने बालक में ज्ञान भरा अनमोल कती,

मीठा गावे साज बजावे, “सोनू” चरणा में लेट्या,

घणाँ ग़जब तेरा बाणां लागे, एक नज़र में किस्मत जागे,

तोड़ के पीपाड़ा स सोटा, तोड़ के पीपाड़ा स सोटा………

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।