सर्वोपरि प्रेमी शिव शंकर

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

सर्वोपरि प्रेमी शिव शंकर, सर्वोत्तम प्रिय पार्वती ।

सर्वश्रेष्ठ पति परमेश्वर शिव सदा सुहागन पार्वती ।।

अद्भुत प्रेम की अद्भुत महिमा शब्दों में ना वर्णित हो ।

तीनोलोक में चारों धाम में पूजित है शिव पार्वती ।।

सर्वश्रेष्ठ पति परमेश्वर शिव सदा सुहागन पार्वती ।।

पुलकित मन है हर्षित जीवन नयन छवि है नयन ही दर्पण।

ऐस ही हो प्रेमी पृथ्वी पर जैसे है शिव पार्वती।।

सर्वोपरी प्रेमी शिव शंकर सर्वोत्तम प्रिय पार्वती।

सर्वश्रेष्ठ पति परमेश्वर शिव सदा सुहागन पार्वती ।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।