अर्ज़ी हमारी मर्ज़ी तुम्हारी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

अर्जी हमारी मर्जी तुम्हारी

हे नंद नंदन बाँके बिहारी.......॥

हे अंतरयामी सबके स्वामी

हे नन्द नंदन बाँके बिहारी

अर्जी हमारी मर्जी तुम्हारी.......॥

हे अभिनसी घट घट वासी

हे नन्द नंदन बाँके बिहारी

अर्जी हमारी मर्जी तुम्हारी........॥

पूजा की बिधि में नही जानू

में हु अधम मूरख खल कामि

हे नन्द नन्दन बाँके बिहारी

अर्जी हा।ऋ मर्जी तुम्हारी

हे नन्द नंदन बाँके बिहारी.......॥

जय हो बाँके बिहारी।।।

दयाकृष्ण काण्डपाल (देव) नैनीताल उत्तराखंड

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।