हम तुम्हारे थे ओ भोले

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

शिव शंकर शरणम् ममः

रामेश्वर शरणम् ममः

तुम हमारे थे ओ भोले,

तुम हमारे हो,

तुम हमारे ही रहोगे,

ओ मेरे शंभू..

ओ मेरे भोले, ओ मेरे शंभू

हम तुम्हारे थे ओ भोले,

हम तुम्हारे है,

हम तुम्हारे ही रहेंगे,

ओ मेरे शंभू....

तुम्हे छोड़ ओ भोले शंकर कोई ना मीत हमारा,

तुम्हे छोड़ ओ भोले शंकर कोई ना मीत हमारा,

किसके द्वारे जाए पुकारू और ना कोई सहारा,

अब तो अपनी शरण में ले लो, ओ मेरे शंभू,

तुम हमारे थे ओ भोले,

तुम हमारे हो,

तुम हमारे ही रहोगे,

ओ मेरे शंभू...

हम तुम्हारे थे ओ भोले,

हम तुम्हारे है,

हम तुम्हारे ही रहेंगे,

ओ मेरे शंभू...

हम हैं भोले भक्त तुम्हारे, तुम हो नाथ हमारे,

हम हैं भोले भक्त तुम्हारे, तुम हो नाथ हमारे,

हम भूलों की भटकी नैया, भोले तेरे सहारे,

आओ नैया पार लगा दो, ओ मेरे शंभु,

तुम हमारे थे ओ भोले,

तुम हमारे हो,

तुम हमारे ही रहोगे,

ओ मेरे शंभू...

हम तुम्हारे थे ओ भोले,

हम तुम्हारे है,

हम तुम्हारे ही रहेंगे,

ओ मेरे शंभू...

शिव शंकर शरणम् ममः

रामेश्वर शरणम् ममः

दास कि बिनती सुन लीजो,

ओ देवों के देव,

दास कि बिनती सुन लीजो,

ओ देवों के देव,

आखरी आस यही जीवन की,

पूरी करो महादेव,

एक बार हृदय से लगालो, ओ मेरे शंभू,

तुम हमारे थे ओ भोले,

तुम हमारे हो,

तुम हमारे ही रहोगे,

ओ मेरे शंभू...

हम तुम्हारे थे ओ भोले,

हम तुम्हारे है,

हम तुम्हारे ही रहेंगे,

ओ मेरे शंभू...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।