बेल पत्री में क्या गुण है

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

बेल पत्री में क्या गुण है, भोला होया मतवाला,

होया मतवाला भोला होया मतवाला,

बेल पत्री में क्या गुण है, भोला होया मतवाला॥

लोकी ता पांदे सोणे-सोणे गैहने,

सर्पो की माला में क्या गुण है, भोला होया मतवाला,

होया मतवाला भोला होया मतवाला,

बेल पत्री में क्या गुण है, भोला होया मतवाला॥

लोकी ता लांदे पाउडर क्रीम,

अंग विभूति में क्या गुण है, भोला होया मतवाला,

होया मतवाला भोला होया मतवाला,

बेल पत्री में क्या गुण है, भोला होया मतवाला॥

लोकी ता पांदे सोणे-सोणे कपड़े,

मृग शाला में क्या गुण है, भोला होया मतवाला,

होया मतवाला भोला होया मतवाला,

बेल पत्री में क्या गुण है, भोला होया मतवाला॥

लोकी ता खांदे सोणे-सोणे पकवान,

भांग धतूरे में क्या गुण है, भोला होया मतवाला,

होया मतवाला भोला होया मतवाला,

बेल पत्री में क्या गुण है, भोला होया मतवाला॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।