मेरे बाबा भोले बाबा

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

कोई कहे तू काशी में है,

कोई कहे कैलाश,

जब जब तुझे पुकारा बाबा,

तू था मेरे पास,

तेरे बल से मैं बलवान,

बाबा तू मेरा भगवान,

तेरे चरणों में ही रहना,

जब तक मेरे तन में प्राण,

मेरे बाबा.. मेरे बाबा..

मेरे बाबा..भोले बाबा..

मेरे बाबा.. मेरे बाबा..

मेरे बाबा..भोले बाबा.......

मेरे चिंता में यू जाएंगे,

फिर में सोए तेरे नैना,

मुझसे पहले मेरे दुख में,

बाबा रोए तेरे नैना,

गाँव क्या तेरा गुंगान,

बाबा तू मेरी मुस्कान,

तेरे चरनो में ही रहना,

जब तक मेरे तन में प्राण,

मेरे बाबा.. मेरे बाबा..

मेरे बाबा..भोले बाबा..

मेरे बाबा.. मेरे बाबा..

मेरे बाबा..भोले बाबा.....

जब तक सर पे तेरा हाथ,

इनसे उजली ​​मेरा रात,

मेरा क्या बिगडेगा बाबा,

मुझे तेरा आशीर्वाद,

तू धन है मैं धनवां,

बाबा तू मेरा अभिमान,

तेरे चरणों में ही रहना,

जब तक मेरे तन में प्राण,

मेरे बाबा.. मेरे बाबा..

मेरे बाबा..भोले बाबा..

मेरे बाबा.. मेरे बाबा..

मेरे बाबा..भोले बाबा.....

मेरे बाबा.. मेरे बाबा..

मेरे बाबा..भोले बाबा..

मेरे बाबा.. मेरे बाबा..

मेरे बाबा..भोले बाबा..

मेरे बाबा.. मेरे बाबा..

मेरे बाबा..भोले बाबा..

तेरे बल से मैं बलबन,

बाबा तू मेरा भगवान..

तेरे चरनो में ही रहना,

जब तक मेरे तन में प्राण,

मेरे बाबा.. मेरे बाबा..

मेरे बाबा..भोले बाबा.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।