समराथल पे हुकुम चले

पारंपरिक
विष्णु भगवान भजन विष्णु भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

समराथल पे हुकुम चले एक भागवा धारी का,

हर भक्त दीवाना है विष्णु अवतारी का,

मात है हंसा जिनकी, पिता है लोहट जिनके,

गांव पीपासर प्यारा , देता है सबको सहारा,

नाम जंभेश्वर रख डाला, उस ब्रह्मचारी का,

हर भक्त दीवाना है, विष्णु अवतारी का॥

मुझसे कुछ भी ना कहते, वह चुपचाप रहते,

आंख से करे सारा, कहते हैं हाल सारा,

पार न पाया कोई भी, इस अजब पुजारी का,

हर भक्त दीवाना है, विष्णु अवतारी का॥

तेज आंधी बारिश में, जिसका है दीपक चलता,

तेल की जगह पानी, जिसके दीपक मे डलता,

चारो तरफ डंका बजता, जिसकी कलाकारी का,

हर भक्त दीवाना है, विष्णु अवतारी का॥

करने दुःख दूर जग के, जिन्होंने अवतार लिया है,

विश्नोई पंथ चला के, उन्होंने उपकार किया है,

सभी भक्त बस गुण गाए, उन उपकारी का,

हर भक्त दीवाना है, विष्णु अवतारी का॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।