होली खेले नंद किशोर ब्रिज की गलियों में

पारंपरिक
महादेव भजन कृष्ण भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

होली खेले नंद किशोर ब्रिज की गलियों में॥

होली खेलन को ब्रह्मा जी आए,

ब्रह्मा जी आए संग ब्रह्माणी को लाए,

संग खेले राधे श्याम ब्रिज की गलियों में,

होली खेले नंद किशोर.....

होली खेलन को विष्णु जी आए,

विष्णु जी आए संग लक्ष्मी जी को लाए,

संग खेले राधे श्याम ब्रिज की गलियों में,

होली खेले नंद किशोर.....

होली खेलन को भोले जी आए,

भोले जी आए संग गोरा जी को लाए,

संग खेले राधे श्याम ब्रिज की गलियों में,

होली खेले नंद किशोर.....

होली खेलन को रामा जी आए,

रामा जी आए संग सीता जी को लाए,

संग खेले राधे श्याम ब्रिज की गलियों में,

होली खेले नंद किशोर.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।