आओ महिमा गाएं भोलेनाथ की

अनुराधा पौडवाल
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

आओ महिमा गाए भोले नाथ की,

भक्ति में खो जाए भोले नाथ की………

आओ महिमा गाए भोले नाथ की,

भक्ति में खो जाए भोले नाथ की……….

भोले नाथ की जय, शम्भू नाथ की जय,

गौरी नाथ की जय, दीना नाथ की जय,

आओ महिमा गाए भोले नाथ की,

भक्ति में खो जाए भोले नाथ की……….

मुख पर तेज है, अंग भभूती,

गले सर्प की माला,

माथे चन्द्रमा, जटा में गंगा,

शिव का रूप निराला……..

अन्तर्यामी, सबका स्वामी,

भक्तो का रखवाला,

तीन लोको में बाट रहा है,

ये दिन रात उजाला……….

जय बोलो, जय बोलो भोले नाथ की,

भक्ति में खो जाए भोले नाथ की………

भोले नाथ की जय, शम्भू नाथ की जय,

गौरी नाथ की जय, दीना नाथ की जय,

आओ महिमा गाए भोले नाथ की,

भक्ति में खो जाए भोले नाथ की……..

हरी ओम नमः शिवाय नमो

हरी ओम नमः शिवाय नमो

हरी ओम नमः शिवाय नमो

हरी ओम नमः शिवाय नमो

पी के भंग तरंग में जब जब,

भोला शंकर आए,

हाथ में अपने डमरू ले कर,

नाचे और नचाये………

जो भी श्रध्दा और भक्ति की,

मन में ज्योत जगाये,

मेरा भोला शंकर उस पर,

अपना प्यार लुटाये………..

जय बोलो, जय बोलो भोले नाथ की,

भक्ति में खो जाए भोले नाथ की………

भोले नाथ की जय, शम्भू नाथ की जय,

गौरी नाथ की जय, दीना नाथ की जय,

आओ महिमा गाए भोले नाथ की,

भक्ति में खो जाए भोले नाथ की……….

भव पार लगते शिव भोले,

बिगड़ी बनाते ये शिव भोले,

कष्ट निवारे ये शिव भोले,

दुःख दूर करे ये शिव भोले…………

जय बोलो दीनानाथ की,

जय बोलो गौरीनाथ की,

जय बोलो बद्रीनाथ की,

जय बोलो शम्भूनाथ की………..

है सबसे न्यारे शिव भोले,

है डमरू धरी शिव भोले,

भोले भंडारी शिव भोले………

जय बोलो दीनानाथ की,

जय बोलो गौरीनाथ की,

जय बोलो बद्रीनाथ की,

जय बोलो शम्भूनाथ की……….

भव पार लगते शिव भोले,

बिगड़ी बनाते शिव भोले,

कष्ट निवारे शिव भोले,

दुःख दूर करे ये शिव भोले………

आओ महिमा गाए भोले नाथ की,

भक्ति में खो जाए भोले नाथ की……..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।