हे गंगाधर हे त्रिपुरारी

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

ॐ नमः शिवाय

ॐ नमः शिवाय

शिव शिव

शिव ॐ

शिव शिव

शिव ॐ

शिव शिव

शिव ॐ

शिव शिव

शिव ॐ

शिव शिव

शिव ॐ

शिव शिव

शिव ॐ

शिव शिव

शिव ॐ

शिव शिव

शिव ॐ

हे गंगाधर हे त्रिपुरारी,

भोलेनाथ भंडारी,

सारे जग की सुध लेते हो सुन लो अरज हमारी,

भोले भंडारी

भोले भंडारी

भोले भंडारी

भोले भंडारी

शिव शिव शिव शिव शिव शिव ॐ

शिव शिव शिव शिव शिव शिव शिव ॐ

शिव शिव शिव शिव शिव शिव ॐ

शिव शिव शिव शिव शिव शिव ॐ

हे गंगाधर हे त्रिपुरारी,

भोलेनाथ भंडारी,

सारे जग की सुध लेते हो सुन लो अरज हमारी,

भोले भंडारी

भोले भंडारी

भोले भंडारी

भोले भंडारी

शिव शिव

शिव ॐ

शिव शिव

शिव ॐ

शिव शिव

शिव ॐ

शिव शिव

शिव ॐ

तेरे भाल पे चमके चंद्रमा,

देता सबको उजियाले,

जग को तुमने दिया है अमृत,

स्वयम पिये विष के प्याले,

शिव शिव शिव ॐ

शिव शिव शिव ॐ

शिव शिव शिव ॐ

हो तेरे भाल पे चमके चंद्रमा,

देता सबको उजियाले,

जग को तुमने दिया है अमृत स्वयम पिये विष के प्याले,

देवों के देव

जय महादेव

हैं सब से सुन्दर जय वामदेव,

कहते हैं उन्हें कैलाशपति,

पशुओं के स्वामी जय पशुपति,

हे शम्भू अपने पथ पर,

हम सब को चला जटाधारी,

सारे जग की सुध लेते हो सुन लो अरज हमारी,

भोले भंडारी

भोले भंडारी

भोले भंडारी

भोले भंडारी

शिव शिव शिव ॐ

शिव शिव शिव ॐ

शिव शिव शिव ॐ

शिव शिव शिव ॐ

राह मे कितने कंकर कांटे,

दुनिया दुख का मेला है,

एक तुम्हारा नाम है सच्चा,

बाकी झूट का फेरा है,

शिव शिव शिव ॐ

शिव शिव शिव ॐ

शिव शिव शिव ॐ

शिव शिव शिव ॐ

भोले राह मे कितने कंकर कांटे,

दुनिया दुख का मेला है,

एक तुम्हारा नाम हैं सच्चा,

बाकी झूट का फेरा हैं,

हैं गले मे हाला हे नीलकंठ,

हैं सब से सुरीले जय श्री कंठ,

त्रिलोक के स्वामी हे महेश,

सारे जग के स्वामी त्रिलोकेश,

भोले हम सब का उद्घार करो,

आई हम पर विपदा भारी,

सारे जग की सुध लेते हो सुन लो अरज हमारी,

भोले भंडारी

भोले भंडारी

भोले भंडारी

भोले भंडारी

शिव शिव शिव ॐ

शिव शिव शिव ॐ

शिव शिव शिव ॐ

शिव शिव शिव ॐ

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।