पड़ा गुरु शरण में तेरी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

पड़ा गुरु शरण में तेरी देवो शुभ ज्ञान विचारा ,

धरूँ में ध्यान चरणों का तेरा ले कर के आधारा...॥

करूँ मैं सत्संग चढ़े राम रंग , धरूँ प्रेम उमंग हो जाऊं में निसंग...।

हरो अपराध सभ मन के होवे जीवन सफल सारा...॥

माया का जंजाल काटले मोह जाल , दुखी करत काल देवो सुख विशाल...।

तजूँ में आश तृषणा को देवो सद्गुण साधन चारा...॥

मांगूं में सुमती रहे ना कुमती देवो यकति पाऊँ में मुकती...।

गाऊं में गीत गोविन्द के तरु भव सिंधु से पारा...॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।