मेरा कोई ना सहारा बिन तेरे नंदलाल सांवरिया मेरे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरा कोई ना सहारा बिन तेरे,

नंदलाल सांवरिया मेरे ।

युग युग में प्रभु तुम आए ।

भक्तों में कष्ट मिटाए ।

कल्याग में भी पाओ हुन्न फेरे,

नंदलाल सांवरिया मेरे ॥

किया कर्म ना नेक कमाई ।

किये जग में पाप घनेरे ।

काटो जन्म जन्म के फेरे,

नंदलाल सांवरिया मेरे ॥

मेरा जीवन हैं अभिमानी ।

प्रभु भक्ति तेरी ना जानी ।

छाए पापों के घोर अँधेरे,

नंदलाल सांवरिया मेरे ॥

मेरी नैया भावर में डोले ।

कब आओगे नैया के खिवैया ।

तुसी आवो सांझ सवेरे,

नंदलाल सांवरिया मेरे ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।