शंकरा तेरी मरजी के बिना हिलता नहीं पत्ता

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

ॐ नमः शिवाय नमः शिवाय

ॐ नमः शिवाय नमः शिवाय

ॐ नमः शिवाय नमः शिवाय

शंकरा तेरी मरजी के बिना हिलता नहीं पत्ता,

हिलता नहीं पत्ता

शंकरा तेरी मरजी के बिना हिलता नहीं पत्ता,

गौरा मन का हिलता नहीं पत्ता,

गणपत मन का हिलता नहीं पत्ता,

नंदी मन दा कण कण बजता मंदा टक्का टक्का,

शंकरा तेरी मरजी के बिना हिलता नहीं पत्ता,

हिलता नहीं पत्ता

शंकरा तेरी मरजी के बिना हिलता नहीं पत्ता....

हिल गयी धरती ने आसमान डोलिया,

जय बोले बाबा दी जिनेन्द्र बोलिया,

हिल गयी धरती ने आसमान डोलिया,

जय बोले बाबा दी जिनेन्द्र बोलिया,

भगत ही मन्दा मन जाता वे धागा उँदा पक्का,

शंकरा तेरी मरजी के बिना हिलता नहीं पत्ता,

हिलता नहीं पत्ता

शंकरा तेरी मरजी के बिना हिलता नहीं पत्ता....

गंगा ते विच जटा समायी इन्नी सोनी लगदी,

सारे तन पे भस्म रमाई ओ मनमोहनी लगदी,

डमरू वाला नागा वाला गाता बच्चा बच्चा,

शंकरा तेरी मरजी के बिना हिलता नहीं पत्ता,

हिलता नहीं पत्ता

शंकरा तेरी मरजी के बिना हिलता नहीं पत्ता....

ओ शाही भोग नी मंगदा बाबा जल ते खुश हो जावे,

ओ सबतो छेटी करदा भोला शंकर सा नी गावे,

पुरे हो जाओ भोले वाला मन होवे जब सच्चा,

शंकरा तेरी मरजी के बिना हिलता नहीं पत्ता,

हिलता नहीं पत्ता

शंकरा तेरी मरजी के बिना हिलता नहीं पत्ता,

हिलता नहीं पत्ता

शंकरा तेरी मरजी के बिना हिलता नहीं पत्ता,

हिलता नहीं पत्ता

शंकरा तेरी मरजी के बिना हिलता नहीं पत्ता.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।