जो भी इसका हो जाता है

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय

जो भी इसका हो जाता है,

इसमें ही जो खो जाता है,

इस जीवन की नैया को शिव ही पार लगाए,

ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय……….

निष् दिन इसके गन जो गाये,

चरणों में जो शीश झुकाये,

उसकी रक्षा खुद करता है,

जो शिव को अपनाये,

ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय……….

इस जीवन की नैया को शिव ही पार लगाए,

ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय……..

इस जीवन का अंत भी शिव है,

इस जीवन का प्रारम्भ शिव है,

शिव समाये इस कण कण में,

जीवन के हर रंग में शिव है,

ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय……….

इस जीवन की नैया को शिव ही पार लगाए,

ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय……..

तेरी दया से तेरी जाता पे माँ गंगा ने स्थान लिया,

युग युग के प्यासे जीवन का तूने ही उद्धार किया,

ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय…….

इस जीवन की नैया को शिव ही पार लगाए,

ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय………..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।