तेरी सेवा करूँगा

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

शिव शिव महादेवा

शिव शिव महादेवा

शिव शिव महादेवा

शिव शिव महादेवा

शिव शिव महादेवा

शिव शिव महादेवा

शिव शिव महादेवा

शिव शिव महादेवा

देवा देवा देवा देवा महादेवा,

तेरे चरणों में रहके करूँ सेवा,

देवा देवा देवा देवा महादेवा,

तेरे चरणों में रहके करूँ सेवा,

कर्म मेरा काम,

धर्म तेरा नाम है,

जीऊँ तेरे लिए,

और तेरे लिए मरूंगा,

सारी उम्र तेरी सेवा करूँगा,

सारी उम्र तेरी सेवा करूँगा,

सारी उम्र तेरी सेवा करूँगा,

हर हर महादेवा

हर हर महादेवा

हर हर महादेवा

हर हर महादेवा रे देवा

जन्मो से तुझको ढूँढा है,

इस जनम में तुझको पाया है,

दूर रहले बाबा जितना तू,

संग मेरे तेरा साया है,

तेरे ही होने से मेरी ये,

ज़िन्दगी आज शान में,

तेरे ना होने से मेरी,

ज़िन्दगी है बीरान में,

कर्म मेरा काम,

धर्म तेरा नाम है,

जीऊँ तेरे लिए,

और तेरे लिए मरूंगा,

सारी उम्र तेरी सेवा करूँगा,

सारी उम्र तेरी सेवा करूँगा,

सारी उम्र तेरी सेवा करूँगा,

तेरा नाम ही है काफी बस मेरे लिए,

फिर ज़िन्दगी में कोई गम नहीं,

तू जो भोलेनाथ सुन खड़ा,

ये भी भोले कोई कम नहीं,

तू ही इबादत है,

तू ही तो चाहत है,

तू ही हर पुकार है,

तू ही तो राहत है,

तू ही अनादत है,

तू ही मेरा अधिकार है,

कर्म मेरा काम,

धर्म तेरा नाम है,

जीऊँ तेरे लिए,

और तेरे लिए मरूंगा,

सारी उम्र तेरी सेवा करूँगा,

सारी उम्र तेरी सेवा करूँगा,

सारी उम्र तेरी सेवा करूँगा,

हर हर महादेवा

हर हर महादेवा

हर हर महादेवा

हर हर महादेवा रे देवा

हर हर महादेवा

हर हर महादेवा

हर हर महादेवा

हर हर महादेवा रे देवा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।