दिल मेरा बम बोले

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

डमरू बजे जब भोले सजे तब,

एक ही धुन में ज़मीं आसमां ये बोले ओ तन मन डोले,

ओ दिल मेरा बम बोले भोले,

ओ दिल मेरा बम बोले...

अंग अंग में चढ़े हैं मस्ती होश उड़ाती जाए,

अरे मैं ना नाच जानू डमरू वाला नाच नचाये,

तेरे अंग अंग में चढ़े है मस्ती तू कैसे रुक पाए,

महादेव का रंग है ऐसा चढ़ता ही चढ़ जाए,

भंगिया मिले जब मूड बने तब,

सारे भगत मिलकर तुझको ये बोलो ओ तन मन डोले,

ओ दिल मेरा बम बोले भोले,

ओ दिल मेरा बम बोले....

तेरे करके व्रत शिव तेरा होना चाहे,

नमो नमो हम जपकर बस तुझमे खोना चाहे,

नमो नमो....

तेरी डम डम पे दम दम ये सबको रिझाये,

चलता रहे तांडव तेरा मोहे कुछ ना भाये,

ये बादल झुके जब ना बारिश रुके तब,

खड़के बिजली मन जलते हैं शोले ओ तन मन डोले,

ओ दिल मेरा बम बोले भोले,

ओ दिल मेरा बम बोले....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।