देवोँ के देव महान हैं मेरे भोले भंडारी

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय

ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय

देवोँ के देव महान हैं मेरे भोले भंडारी,

भोले भंडारी हैं हितकारी भोले भंडारी परम हितकारी,

देवोँ के देव महान हैं मेरे भोले भंडारी....

गले में जिनके सर्पों की माला,

आसान जिनकर है मृगशाला,

नंदीगण जिनका दास है मेरे भोले भंडारी,

देवोँ के देव महान हैं मेरे भोले भंडारी....

जटा में जिनके गंगा विराजे,

मस्तक जिनके चन्द्रमा साजे,

त्रिनेत्र धारी भगवान् है मेरे भोले भंडारी,

देवोँ के देव महान हैं मेरे भोले भंडारी.....

गौरा मैया जिनकी अर्धांगिनी हैं,

कार्तिक गणेश जिनके बालक कहलाये,

विष्णु के आराध्य हैं माधव जिनके दास है मेरे भोले भंडारी,

देवोँ के देव महान हैं मेरे भोले भंडारी.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।