भोलेनाथ की सवारी निकली

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

आ गई देखो ऐसी बेला भोले सजे हैं आज,

शिव के रूप का दर्शन कर लो बनेंगे बिगड़े काज,

बोलो भोले शंकर की जय................

भोलेनाथ की सवारी निकली शान से,

नंदी नाचे रे नाचे सीना तान के,

साथ चले हैं सारे देव असुर सम्मान से,

हो नाचे भूत पिशाच गण सारे अभिमान से,

ॐ नमः शिवाय बोलो ॐ नमः शिवाय ...बम भोले

ॐ नमः शिवाय बोलो ॐ नमः शिवाय

शंकर मेरा सबसे निराला,

सुनता सभी की वो भोला भाला,

झूमे तो जैसे आये बहार,

तांडव में करता मृत्यु की पुकार,

हो सुनता भक्तों की हर एक वो पुकार है,

मेरे भोले की लीला तो अपरम्पार है,

ॐ नमः शिवाय बोलो.....

डिवॉन का वो देव कहाये,

उसकी लीला समझ ना आये,

उसके दर्शन बड़े ही पावन,

रूप लागे सुन्दर चितवन,

हो हरता भक्तों के दुःख रहता सबके पास है,

डरना ना प्यारे बाबा तो तेरे साथ है,

ॐ नमः शिवाय बोलो.....

काल ने ऐसा चक्र चलाया,

आया रे आया समुद्र मंथन आया,

निकला जो अमृत तूने डिवॉन में बांटा,

हालाहल को तूने खुद ही गटकाया,

हो तेरे दम से ही तो सारा ये संसार है,

उन कैलाश पति को मेरा नमस्कार है....

भोलेनाथ की सवारी निकली शान से,

नंदी नाचे रे नाचे सीना तान के,

साथ चले हैं सारे देव असुर सम्मान से,

हो नाचे भूत पिशाच गण सारे अभिमान से,

ॐ नमः शिवाय बोलो ॐ नमः शिवाय ...बम भोले

ॐ नमः शिवाय बोलो ॐ नमः शिवाय

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।