जान दे री मां मेरा भोला रे लड़ेगा

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

जान दे री मां मेरा भोला रे लड़ेगा,

भोला री लड़ेगा मेरा शंकर री लड़ेगा,

जाने दे री मां मेरा भोला री लड़ेगा....

भंगिया में घोट आई कुंडी सोटा धोय आई,

छान के री भंगिया लोटा कौन री भरेगा,

कौन री भरेगा, लोटा कौन री भरेगा,

जाने दे री मां मेरा भोला री लड़ेगा....

नागों को जगा आई नंदी को नहवां आई,

नादिया श्रंगार उसका कौन री करेगा,

कौन री करेगा, कौन री करेगा,

जाने दे री मां मेरा भोला री लड़ेगा....

तेरे मन की सुन चली अपने मन की कह चली,

एक रात रुकी कल जाना ही पड़ेगा,

जाना ही पड़ेगा, कल जाना ही पड़ेगा,

जाने दे री मां मेरा भोला री लड़ेगा....

भोले जी का डमरू बाजे गोरा जी की पायल बाजे,

चरणों में शीश मैया झुकाना‌ ही पड़ेगा,

झुकाना‌ ही पड़ेगा, झुकाना‌ ही पड़ेगा,

जाने दे री मां मेरा भोला री लड़ेगा....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।