॥ पावन पाठ ॥
मैंने सब कुछ तुम्ही से है पाया,
मुझे पत्थर से पारस बनाया,
मुझे दिखलाया खुशियां का दर्पण,
मेरा हर एक जनम प्रभु तुझे अर्पण,
करूं सेवा तेरी गाऊं तेरे भजन ॥
मेरी ज़िन्दगी थी काजल सी काली,
तूने बना दी इसको रोशन दिवाली,
नाम को शान दी मुझको पहचान दी,
अपनी खुशबु से महकाया जीवन,
मेरा हर एक जनम प्रभु तुझे अर्पण,
करूं सेवा तेरी गाऊं तेरे भजन ॥
जलती सी ज़िन्दगी को शीतल बनाया,
कांटो सी चुभ रही थी मखमल बनाया,
मेरा सब कुछ तू ही मुझको रखना यूँ ही,
तेरी कृपा कभी भी ना हो कम,
मेरा हर एक जनम प्रभु तुझे अर्पण,
करूं सेवा तेरी गाऊं तेरे भजन ॥
तेरी ही सेवा मणि जीवन बिताऊं,
एहसान तेरे बाबा नहीं भूल पाऊं,
सोनू को आस है तू अगर पास है,
तो सुहाना है हर एक वो म औसम,
मेरा हर एक जनम प्रभु तुझे अर्पण,
करूं सेवा तेरी गाऊं तेरे भजन ॥