देखो तो आज नए नए नगरिया में भूत घुस गए

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

( दूल्हा बनके आ गए,

हिमगिरि के त्रिपुरार,

और देखनहारे यूं कहें,

कि हो गओ बंटाधार। )

जागो रे जागो हाय हाय हाय,

अरे भागो रे भागो हाय हाय हाय,

देखो तो आज नए नए,

नगरिया में भूत घुस गए,

देखों तो आज नए नए,

नगरिया में भूत घुस गए॥

भली हिमाचल ने शादी रचाई,

घर बैठ अपने आफत बुलाई,

गौरा के भाग फूट गए,

नगरिया में भूत घुस गए,

देखों तो आज नए नए,

नगरिया में भूत घुस गए॥

ओ बऊ जल्दी खोलो किबारे,

सटके गरे खों प्राण हमारे,

जल्दी से आओ हाय हाय हाय,

देर ना लगाओ हाय हाय हाय,

हमरे तो प्राण गए गए,

नगरिया में भूत घुस गए,

देखों तो आज नए नए,

नगरिया में भूत घुस गए॥

जैसो दूल्हा ऊंसई बराती,

महिमा कछु कही न जाती,

सिर पे गंगा हाय हाय हाय,

गरे भुजंगा हाय हाय हाय,

कंकन बिछुअन के,

नगरिया में भूत घुस गए,

देखों तो आज नए नए,

नगरिया में भूत घुस गए॥

हाथों में घड़ी न पांवन पनइयां,

उन्ना कपड़ा पहरें नइयां,

लागे भिखारी हाय हाय हाय,

डूंडा सवारी हाय हाय हाय,

मुंडन की माला दए,

नगरिया में भूत घुस गए,

देखों तो आज नए नए,

नगरिया में भूत घुस गए॥

जब दूल्हा की सुनीं कहानी,

मैंना रोई हंसी भवानी,

गौरा है शिव की हाय हाय हाय,

शिव गौरा के हाय हाय हाय,

मैना के नैन बह रए,

नगरिया में भूत घुस गए,

देखों तो आज नए नए,

नगरिया में भूत घुस गए.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।