होली खेल रहे शिव शंकर गौरा पार्वती के संग

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

होली खेल रहे शिव शंकर गौरा पार्वती के संग,

गोरा पार्वती के संग माता पार्वती के संग,

होली खेल रहे शिव शंकर....

कुटि छोड़ शिव शंकर चल दिए लियो नादिया संग,

गले में रुद्रो की माला और सर्प लिपट रहे अंग,

होली खेल रहे शिव शंकर....

एक मन खा गए भांग धतूरा धड़ियो पी गए भंग,

एक शेर गांजे का पी गए हुए नशे में दंग,

होली खेल रहे शिव शंकर....

कामिनी होली खेल रही हैं देवर जेठा संग,

रघुवर होली खेल रहे हैं सीता जी के संग,

होली खेल रहे शिव शंकर....

राजा इंद्र ने होली खेली इंद्राणी के संग,

राधे होली खेल रही है श्री कृष्णा के संग,

होली खेल रहे शिव शंकर....

विष्णु होली खेल रहे हैं लक्ष्मी जी के संग,

ब्रह्मा विष्णु मिलकर खेले शिव शंकर के संग,

होली खेल रहे शिव शंकर....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।