शिव भोला ना जागे जगाय हारी

पारंपरिक
श्री गणेश भजन शिव भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

शिव भोला ना जागे जगाय हारी,

शिव भोला ना जागे जगाय हारी॥

ब्रह्मा जगावे शिव के विष्णु जगावे,

कामदेव जगावे धनुष मारी,

शिव भोला ना जागे जगाय हारी॥

गंगा जगावे शिव के यमुना जगावे,

सरयु जगावे लहर मारी,

शिव भोला ना जागे जगाय हारी॥

कार्तिक जगावे शिव के गणपति जगावे,

नंदी जगावे हुंकार मारी,

शिव भोला ना जागे जगाय हारी॥

चंदा जगावे शिव के सूरज जगावे,

तारें जगावे चमक मारी,

शिव भोला ना जागे जगाय हारी॥

सासु जगावे शिव के सरहज जगावे,

गौरा जगावे अपन नारी,

शिव भोला ना जागे जगाय हारी॥

Shweta Pandey (Varanasi)

"मधुर भजन बेला"

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।