मस्ती में डोले भोले तेरी

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मस्ती मैं डोले भोले तेरी भोले,

मस्ती में डोले भोले तेरी,

भंग चड़ी मुझे भोले तेरी भोले,

मस्ती चड़ी है भोले तेरी…

भोले तेरे नाम में हैं इतनी शक्ती,

पार लगादे भोले मेरी कश्ती,

आना चाहूं बाबा मेतो तेरी बस्ती,

आने से जहां भोले दुनिया डरती,

तीन चार यार मेरे कस लगाए,

मस्ती में भोले तेरी नाचे गाए,

भोले तेरी भक्ती में डूबते जाए,

दिन रात नाम तेरा जपते जाए,

श्मशान में रहता मेरा भोला भण्डारी,

भूत भ्यंकर रूप हैं तेरा नंदी की सवारी,

भूतो पे कृपा करे लीला इसकी न्यारी,

काल रात्रि निकले भोले तेरी सवारी…

मस्ती मैं डोले भोले तेरी भोले,

मस्ती में डोले भोले तेरी,

भांग चड़ी मुझे भोले तेरी भोले,

मस्ती चड़ी है भोले तेरी……

कालो के काल महाकाल को प्रणाम,

तेरी कृपा से भोले बना मेरा नाम,

भक्तों पे कृपा दुस्टो के हरे प्राण,

तेरे ही हाथो में भोले विधि का विधान,

मस्तक पे भस्म मेरे कोई ना शर्म……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।