अपना बना ले भोले

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

महादेव मेरा देवा मेरा

देवों के देवा...-2

सुन ओ भोले भोले,

मेरा दिल ये बोले,

तेरे साये में रहना है मुझे भोले.....

अपना बना ले ना भोले,

जैसा तूने गौरा को बनाया,

अपना बना ले ना भोले,

जैसा तूने गंगा को बनाया,

मैं तो बस तेरा, तेरा, हां तेरा,

भोले हो के रह गया,

तेरा होके रह गया,

सुन ओ भोले भोले,

मेरा दिल ये बोले,

तेरे साये में रहना है मुझे भोले.....

जब से लागी प्रीत ओ शंभू,

मोह माया से नाता टूटा,

तेरी धुन में रमता जाऊं,

खबर नहीं कब रिश्ता छुटा,

जन्म ना देना, सांस ना देना,

तेरे पास रहना है भोले,

अपना बना ले ना भोले,

जैसा तूने नंदी को बनाया,

अपना बना ले ना भोले,

जैसा कैलाश को बनाया,

मैं तो बस तेरा, तेरा, हां तेरा,

भोले हो के रह गया,

तेरा होके रह गया,

सुन ओ भोले भोले,

मेरा दिल ये बोले,

तेरे साये में रहना है मुझे भोले.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।