बाबोसा के चरणों मे

पारंपरिक
विष्णु भगवान भजन विविध भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज - एक प्यार का नगमा है

बाबोसा के चरणों मे, खुशियों का डेरा है,

इनके द्वारे चारो ओर देखो परियों का पहरा है,

बाबोसा के चरणों मे...

जहाँ स्वर्ग सी मस्ती है, वो चुरू की धरती है,

इस दर पे हवाएं भी बड़े अदब से चलती है,

हरियाली मन मोहे, लागे अम्बर सुनहरा है,

इनके द्वारे चारो ओर देखो परियों का पहरा है,

बाबोसा के चरणों मे...

जिस धरती पे आने को देव देवी तरसते है,

इस कलयुग में जिसको चुरूधाम कहते है,

इस धरती के कण कण में बाबा का बसेरा है,

इनके द्वारे चारो ओर देखो परियों का पहरा है,

बाबोसा के चरणों मे...

श्री बाबोसा के द्वारे एक बार जो जाता है,

दुनिया को भूल के धर्म इनका हो जाता है,

"दिलबर" इनका रिश्ता सागर से भी गहरा है,

इनके द्वारे चारो ओर देखो परियों का पहरा है,

बाबोसा के चरणों मे...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।