कान्हा मेरे हाथो से निकल

अलका गोएल
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कान्हा मेरे हाथो से निकल गयो रे

मैं पकडन लागी फिसल गयो रे

सूरज में ढूंढा मैंने चंदा में ढूंढा

तारो की झिलमिल में छुप गयो रे

कान्हा मेरे हाथो.....

फूलों में ढूंढा मैंने कलियों में ढूंढा

फूलों की खुशबू में छुप गयो रे

कान्हा मेरे हाथो.....

नंदजी से पूछा बलराम जी पूछा

मैया के आँचल में छुप गयो रे

कान्हा मेरे हाथो.....

संतो में ढूंढा मैंने सत्संग में ढूंढा

भगतो के हिरदे में बस गयो रे

कान्हा मेरे हाथो.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।