नैना देवी बूहे मन्दिरा दे खोल

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

नैना देवी माईये नी बूहे मन्दिरा खोल !!

बूहे मन्दिरा दे खोल , कूण्डे मन्दिरा खोल !!

हथ विच झण्डे सिर ते चुन्नी मत्थे ला लई रौली !!

दिल विच तेरी जोत जगाके गल विच पा लई मौली !!

तेरा नाम सहारा सानू किदा जाईऐ डोल !!

तेरे मन्दिरा आगे दाती लाके वेह गये डेरे !!

आपनी ज्योति दे नाल दाती करदे दूर हनेरे !!

साडे हत्थो लध न जावन एह घडीया अन्मोल !!

होया अमृत वेला दाती खोल भवन दा ताला !!

सच्ची श्रद्धां दे नाल भगता फेरी नाम दी माला !!

अपनी रहमत दे नाल दाती भर सब दा ना दी झोल !!

नैना देवी माईये नी बूहे मन्दिरा खोल ||

《 गायक :- कुमार _ संजीव 》

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।