सिद्धि के तुम ही तो हो दाता

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

सिद्धि के तुम ही तो हो दाता,

हमारे गणपति देवा,

भंवर से लें चल मेरी नैया,

किनारे गणपति देवा,

सिद्धि के तुम ही तो हो दाता,

हमारे गणपति देवा॥

रोम रोम में तुम हो स्वामी तुमसे अलग तो नहीं हूँ,

तुमसे अलग तो नहीं हूँ,

हो मैं तुम्हारे चरणों की दासी तुम हो जहाँ मैं वहीँ हूँ,

तुम हो जहाँ मैं वहीँ हूँ,

कर दो कृपा ये मुझ पर,

दर्शन मुझे दो आकर,

तुम मुझको अपना लो हे स्वामी,

हमारे गणपति देवा,

भंवर से लें चल मेरी नैया हमारे गणपति देवा,

हमारे गणपति देवा,

सिद्धि के तुम ही तो हो दाता,

हमारे गणपति देवा....

बिरहा के दुखड़ों ने घेरा अब तो इशारा मुझे दो,

अब तो इशारा मुझे दो,

हो कह ना पाऊं ब्याकुल मन की बात अपना सहारा मुझे दो,

अपना सहारा मुझे दो,

कब से भटकती हूँ मैं,

मेरी डगर तो दिखा दो,

ना जाने कब से ये मेरा दिल,

ना जाने कब से ये मेरा दिल पुकारे गणपति देवा,

पुकारे गणपति देवा,

भंवर से लें चल मेरी नैया हमारे गणपति देवा,

हमारे गणपति देवा,

सिद्धि के तुम ही तो हो दाता,

हमारे गणपति देवा....

गिर पडूँ जो चलते चलते मैं तुम थाम लेना दामन,

तुम थाम लेना दामन,

हो सच यही है तुमसा दुनिया में दूजा नहीं कोई पावन,

दूजा नही कोई पावन,

जीवन में उलझ गयी जो,

गुथ्थी को तुम सुलझाना,

है किस में शक्ति जो बिगड़ी को,

है किस में शक्ति जो बिगड़ी को सँवारे गणपति देवा,

सँवारे गणपति देवा,

भंवर से लें चल मेरी नैया हमारे गणपति देवा,

हमारे गणपति देवा,

सिद्धि के तुम ही तो हो दाता,

हमारे गणपति देवा.....

हो जाये उज्जवल ये जीवन अपने ही रंग में जो रंग दो,

अपने ही रंग में जो रंग दो,

हो जुड़ जाये तुमसे मेरा मन मुझको तो अपना कर दो,

मुझको तो अपना कर दो,

और कुछ ना माँगू तुमसे,

और कुछ ना माँगू तुमसे,

विनती को तुम स्वीकारो,

विनती को तुम स्वीकारो,

ये मेरी डोरी है हाथों में,

ये मेरी डोरी है हाथों में तुम्हारे गणपति देवा,

तुम्हारे गणपति देवा,

भंवर से लें चल मेरी नैया किनारे गणपति देवा,

हमारे गणपति देवा.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।