सीता मैया ने मुझको बताया

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

सीता मैया ने मुझको बताया मैं,

नहा के सिंदूर में आया॥

रूप देख सिया मुस्काने लगीं,

मुझे तेरा ये रूप में भाया,

मैं नहा के सिंदूर में आया,

सीता मैया ने मुझको बताया,

मैं नहा के सिंदूर में आया॥

हनुमान प्रभु गुण गाने लगे,

मैने आज प्रभु को रिझाया,

मैं नहा के सिंदूर में आया,

सीता मैया ने मुझको बताया,

मैं नहा के सिंदूर में आया॥

होगा भक्त नहीं कोई तुमसे बड़ा,

भक्तों की होगी सदा छत्रछाया,

मैं नहा के सिंदूर में आया,

सीता मैया ने मुझको बताया,

मैं नहा के सिंदूर में आया॥

Shweta Pandey (Varanasi)

"मधुर भजन बेला"

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।