भजो रे मन श्री राम सीता

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

पावन परम पुनीता,

भजो रे मन श्री राम सीता,

पावन परम पुनीता,

भजो रे मन श्री राम सीता,

श्री राम सीता, श्री राम सीता,

पावन परम पुनीता,

भजो रे मन श्री राम सीता॥

चित्रकूट की महिमा न्यारी,

बास किए जहाँ अवधबिहारी,

समय सुखों में बीता,

भजो रे मन श्री राम सीता,

पावन परम पुनीता,

भजो रे मन श्री राम सीता॥

तुलसी वाल्मीकि गुन आगर,

राम नाम की भर ली गागर,

भर रे घट तू रीता,

भजो रे मन श्री राम सीता,

पावन परम पुनीता,

भजो रे मन श्री राम सीता॥

राम नाम हृदय में धारो,

अपनो जीवन सफल सुधारों,

राम नाम मन जीता,

भजो रे मन श्री राम सीता,

पावन परम पुनीता,

भजो रे मन श्री राम सीता॥

Shweta Pandey (Varanasi)

"मधुर भजन बेला"

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।