हनुमत कथा राम की होए

संत तुलसीदास
हनुमान जी कथा हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

हनुमत डटे रहो आसन पर,

जब तक कथा राम की होए,

कथा राम की होए हनुमत कथा राम की होए,

हनुमत डटे रहो आसन पर,

जब तक कथा राम की होए॥

जब तक तेल रहे बाती में जगमग जगमग होए,

जब गया तेल पजर गई बाती घोर अंधेरा होए,

हनुमत डटे रहो आसन पर,

जब तक कथा राम की होए॥

सीता कह रही लक्ष्मण जी से प्यास लगी है मोए,

लक्ष्मण तो गए जल भरने को सीता गई हैं सोए,

हनुमत डटे रहो आसन पर,

जब तक कथा राम की होए॥

गौरा कह रही शिव शंकर से कथा सुना दो मोहे,

शिव शंकर तो कथा सुना रहे गोरा गई हैं सोए,

हनुमत डटे रहो आसन पर,

जब तक कथा राम की होए॥

चित्रकूट के घाट पर भई हुई संतन की भीड़,

तुलसीदास चंदन घिसे और तिलक करे रघुवीर,

हनुमत डटे रहो आसन पर,

जब तक कथा राम की होए॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।