भोले तेरी मोहिनी

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले तेरी मोहिनी ने मोह लिया हमको,

रे भोले तेरी मूरत मोहिनी ने मोह लिया हमको,

जो मजा कभी न मिला तूने वो दिया हमको…….

देवों का देव है तू महादेव नाम है,

सबसे ऊंची जगह पे तेरा परमधाम है,

भोले तेरे बोलेपन नेमोह लिया हमको……

सारे जग के विष को पी के अमृत बनाता है,

सारी बुराइयां तू जग से मिटाता है,

जग से मिटाता है, मन से मिटाता है ,

तेरी सारी खूबियों ने मोह लिया हमको,

जो मजा कभी न मिला तूने वो दिया हमको……..

निराकार ज्योतिर्लिंग तेरा स्वरूप है,

महिमा तेरी भोले सबसे अनूप है,

तेरी अनहद रौशनी ने मोह लिया हमको…….

भोले तेरी याद का ये कैसा नशा है,

बेहद नशा है ये बेहद मज़ा है,

अंत नहीं है जिसका ऐसा मज़ा है,

मीठी मीठी बातों से तूने मोह लिया हमको,

अपनी मीठी मीठी बातों से तूने मोह लिया हमको……….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।