श्याम भरोसे हो जा प्यारे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्याम भारसे हो जा प्यारे,

श्याम भरोसे हो जा प्यारे,

श्याम भरोसे हो जा प्यारे,

ये श्रृष्टि के पालन हारे,

श्याम भरोसे हो जा प्यारे॥

चिंता करे क्यू बैठा जब है ये मालिक तीनो लोक का,

साँवरे के हाथो उलझन जीवन की सारी अपनी सूप जा,

सुलझने लगेंगे खुद ही ये उलझन के धागे,

श्याम भरोसे हों जा प्यारे॥

ये श्रृष्टि के पालन हारे,

श्याम भरोसे हों जा प्यारे,

मुश्किल तो आयेगी पर तुझको कभी ना छूने पायेगी,

ढाल खड़ा है बनके भेद इसे ना कभी पायेगी,

कवच कृपा का इनकी पहन ले प्यारे,

श्याम भरोसे हों जा प्यारे॥

ये श्रृष्टि के पालन हारे,

जीवन ये बीता कितना,

और है कितना ही ये रह गया,

अब भी शरण आने का गर सोचता ही जो तू रह गया,

समय ना कमल थमता पर साँस थम जाये रे,

श्याम भरोसे हों जा प्यारे॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।