हम श्याम के प्रेमी हैं श्याम पे मरते हैं

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हम श्याम के प्रेमी हैं हम श्याम पे मरते हैं,

जय श्री श्याम.............

हम श्याम के प्रेमी हैं हम श्याम पे मरते हैं,

हम इनके भरोसे ही हर काम करते हैं॥

दुनिया ज़माने को बस ये बात खल रही है,

पतवार के बिना ही मेरी नाव चल रही है,

वो जितना जलते हैं हम उतना निखरते हैं,

हम श्याम के प्रेमी हैं हम श्याम पे मरते हैं....

मेरे बोलने से पहले मेरा काम हो रहा है,

मेरी हैसियत से ज़्यादा मेरा नाम हो रहा है,

हम इनकी गोदी में आराम करते हैं,

हम श्याम के प्रेमी हैं हम श्याम पे मरते हैं.....

हैं श्याम की बदौलत हर भोर ज़िन्दगी की,

इनके ही हाथ में है अब डोर ज़िन्दगी की,

मेरी साँसों की किश्तें मेरे श्याम भरते हैं,

हम श्याम के प्रेमी हैं हम श्याम पे मरते हैं.....

है श्याम आसरे पर अपनी ये ज़िंदगानी,

आगाज़ भी इसी से इस पर ख़त्म कहानी,

सोनू जीवन अपना इनके नाम करते हैं,

हम श्याम के प्रेमी हैं हम श्याम पे मरते हैं......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।