यो खाटू का सरदार

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सेठां का यो सेठ कुहावै

दीनां का दातार,

यो खाटू का सरदार,

मेरा सांवरिया सरकार ॥

हारे नैं वो जीत दूआवै,

मेरा दानी दीन दयाल,

पल में बिगड़े काम बनावै,

मेरा श्याम धणी दातार,

खाटू माई लगै कचहरी,

लखै दिल यो लखदातार

यो खाटू का सरदार.......

भगतां पै जद भीड़ पड़ै,

आवै लीले चढ़ सरकार,

तुरता फुर्ती काम बनावै,

मेरे जग का सर्जनहार,

मौर्विनंदन श्याम सैं मेरे, लीले के असवार,

यो खाटू का सरदार.....

कारोबार यो सेठ सै देखै,

मैं तो भजन ही गाऊं,

दुनिया जल जल कर मर जै,

मैं तो श्याम नाम गुण गाऊं,

‘अनिल रजनीश’ की किस्मत लिखै,

मेरा सांवरिया दिलदार,

यो खाटू का सरदार.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।