हरि नारायण तू बोल

पारंपरिक
विष्णु भगवान भजन विष्णु भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

मन हरि हरि बोल ,

हरि नारायण तू बोल,

मन हरि हरि बोल,

हरि नारायण तू बोल॥

छोड़ के सारे जग के बंधन,

नाम हरि का जप ले,

नाम हरि का जप ले,

हरि नाम की मिश्री अपने,

कानों में तू घोल,

मन हरि हरि बोल,

हरि नारायण तू बोल॥

साथ नहीं जाएगी तेरे,

माया और ये काया,

माया और ये काया,

माया और काया के पीछे,

ऐसे तू मत डोल,

मन हरि हरि बोल,

हरि नारायण तू बोल॥

केवल नाम यहीं सच्चा है,

झूठी दुनिया सारी,

झूठी दुनिया सारी,

झूठी दुनिया सारी है ये,

अब तो आखें खोल,

मन हरि हरि बोल,

हरि नारायण तू बोल॥

अंत समय तक तेरे केवल,

काम यहीं आएगा,

काम यही आएगा

भव से पार उतर जाएगा,

नाम बड़ा अनमोल,

मन हरि हरि बोल,

हरि नारायण तू बोल॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।