जाहि बिधि राखे राम

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

सीताराम सीताराम सीताराम कहिये,

जाहि बिधि राखे राम, ताहि बिधि रहिये,

जिंदगी में जैसे दिन रामजी दिखायेगे,

अब तक जैसे निभाई है आगे भी निभायेगे,

जैसे काम किये वैसे परिणाम भरिये,

जैसे मजे किये वैसे दुख भी सहिये,

सीताराम सीताराम सीताराम कहिये.....

श्री राम चंद्र कृपालु बर दे जिंदगी को सफल कर दे,

अच्छी बुद्धि दी तो अच्छे काम कर डालो,

बुरी बुद्धि दी तो मैने बुरे काम कर डाले,

अच्छा बुरा जो भी है स्वीकार करिये,

राम पर भरोसा है,अब भेड़ा बार करिये,

सीताराम सीताराम सीताराम कहिये.....

श्री राम चंद्र कृपालु बर दे जिंदगी को सफल कर दे,

राम नाम सत्य है, ये बात जबरदस्त है,

जनाजे कैसे कहु, उसका सूरज अस्त है,

कितना भी कमाया पर राम को ना छोड़िये,

जेब नहीं कफन बस इतना सोचिये,

सीताराम सीताराम सीताराम कहिये.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।