म्हारी श्याम की नगरियां

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

खाटू श्याम की नगरियां,

म्हारी श्याम की नगरियां,

प्यारी लागे जी बड़ी प्यारी लागे जी,

शीशदानी की सुरतिया, घनी प्यारी लागे जी,

खाटू श्याम की नगरियां,

प्यारी लागे जी बड़ी प्यारी लागे जी।

लखदातारी बाबा श्याम है,

खाटू धाम है मरुधर निराला,

कृष्ण स्वयं ही करते काम है,

श्याम का नाम हो जाता,

म्हारी श्याम की नगरियां,

प्यारी लागे जी बड़ी प्यारी लागे जी....

खाटू के दरबार जो भी आए,

वृंदावन हाजरी लगाये,

बाबा का निशान जो चढ़ाये, मन चाहा वरदान पाए,

खाटू श्याम की दंडौती, रिंगस से लागे जी,

शीशदानी की सुरतिया, घनी प्यारी लागे जी.....

हारे का सहारा बाबा श्याम है,

कलयुग के देव खाटू श्याम है,

तीन बाण धारी है श्याम जी,

पांडु वंशी है खाटू श्याम जी,

श्याम कुंड निर्मल जल है, जमुना जल लागे जी,

शीशदानी की सुरतिया, घनी प्यारी लागे जी.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।