अवध में जनम लियो हैं राम

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

पुरन करनें काम,

अवध में जनम लियो हैं राम,

धरा पे पाप बढ़ा है भारी,

व्याकुल है सारे नर नारी,

करने कष्ट निदान,

अवध में जनम लियो हैं राम,

पुरन करनें काम,

अवध में जनम लियो हैं राम.....

विश्वामित्र ने अस्त्र सिखाएं,

शंकर धनुष तोड़ सिया पाए,

राजपाठ पाने से पहले,

लखन सिया संग वन को जाए,

छोड़ स्वर्ग का धाम,

वन को चले गए श्री राम,

पुरन करनें काम,

अवध में जनम लियो हैं राम.....

केवट तारे शबरी तारे,

खर दूषण को जाए संहारे,

रावण ने सिय को हर लिन्हा,

हुवे व्यथित जानकी के बिन्हा,

अंजनी पुत्र मिलै हनुमान,

जिनके हृदय बसे श्री राम,

पुरन करनें काम,

अवध में जनम लियो हैं राम.....

लंका में है किए चढ़ाई,

हनुमत राम लखन सब भाई,

रावण मार है सिया को लाए,

धरा दुष्ट से मुक्त बनाएं,

जगमग हुई दीप से शाम,

अवध में लौट पड़े श्री राम,

पुरन करनें काम,

अवध में जनम लियो हैं राम.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।