मॉं का दरबार है यह, यहॉं मॉं का ठिकाना

पारंपरिक
हनुमान जी भजन दुर्गा भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

मॉं का दरबार है यह, यहॉं मॉं का ठिकाना है।

मॉं के चरणों में हमें, सब ही को आना है ।। टेर ।।

देवों के राजा जो यहॉं बैठे गजानन्द हैं

बैठे गजानन्द जहॉं वहॉं आनन्द ही आनन्द है

करना है तो काम कोई, पहले इनको मनाना है ।। मॉं का ।।

मारूति बजरंग बली दया भक्तों को इनकी मिली

जो भी शरण आये बजरंग करते हैं सबकी भली

भक्ति का अभय वरदान, बजरंग से पाना है ।। मॉं का ।।

भाग्य विधाता है शिव जो दुनिया के दाता है

धर्मपाल यहॉं पर तुझे शीश झुकाता है

माताओं की माता तुम, तेरी शरण में आना है ।। मॉं का ।

श्रवण बठला

करनाल

98123!2426

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।