देवो के देव हो महादेव

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मेरे भोलेनाथ जी मेरा तुमसे कुछ तो नाता है,

जो तेरी नगरी में आता है वो सदा सुख पाता है,

सारी दुनिया से जो हारकर तेरे पास आता है,

जो तेरे डर पर आता है वो कभी ना खाली जाता है,

सारे पाप मुक्त मन पवन हो तेरी गंगा जी नहीं में ..

देवो के देव हो महादेव सच्चा सुख तुझे पाने में

करे तीनो लोक रोशन तूने खुद बैठा गया विराने में ॥

भोला…. भोला …. मेरा भोला है भंडारी

भोला…. भोला …. मेरा भोला है भंडारी

जब से जाना तुझे अंग अंग मेरा भोला भोला कहता है,

तू बिच मसाने भसम रमा के आख मुंध के बैठा है,

हम खाली हाथ आए थे हमको खाली हाथ ही जाना है,

फिर तेरी बना दुनिया का मानस क्यों घमंद में रहता है,

हो मेरे भोलेनाथ के पास सबके कर्मों का खाता है,

तू जैसा करता है वैसा वो लिखता जाता है,

अक्की कल्याण ओ भोलेनाथ तुझे दिल से चाहता है,

दिन रात जपे तेरा नाम लेके तेरे गीत गाता है,

मुजरिम हु मैं मुझे कैद करले तेरे दिल थाने में....

देवो के देव हो महादेव सच्चा सुख तुझे पाने में,

करे तीनो लोक रोशन तूने खुद बैठा गया विराने में॥

मैने किए बोहत से पाप मुझे मोह माया ने घेरा,

मैं आया हूं हम नगरी में जहां भोले नाथ का डेरा,

मैं उल्झा था हमें दुनिया में जहां लगता ना मन मेरा,

मुझे रहना है हमें नगरी है जहां भोलेनाथ का डेरा,

गुजरात में बेस मेरे सोमनाथ,

नेपाल में आधार पशुपति नाथ,

काशी में आधार मात्र विश्वनाथ,

गढ़वाल में मेरे तुंग नाथी,

केदारनाथ मेरे भोले नाथ मेरे रुद्र नाथ मेरे वैध नाथी,

न छै मुझे धन माया मेरे सर पर रख दो अपना हर॥

मेरे महाकाल मेरे आदिनाथ मेरे भूतनाथm

मेरे शंभूनाथ मेरे ओमनाथ मेरे सोमनाथ मेरे गंगाधर गिरधारीनाथ॥

ओम नमः शिवाय ..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।