उज्जैन के राजा तुमको आना पड़ेगा

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

चिंतामन चिंता हरे,

क्षिप्रा करे निहाल,

दया करे माँ हरसिद्धि,

रक्षा करे महाकाल,

बाबा मेरे भोले मेरे, भर दो झोली दाता मेरे,

आ जाओ, आ जाओ, आ जाओ,

उज्जैन के राजा तुमको आना पड़ेगा,

भक्तों को दर्शन दिखाना पड़ेगा……..

महाँकाल नगरी है बड़ी निराली,

जो भी जाता है आता ना खाली,

तेरा सहारा हमे तेरा सहारा है,

भक्तों की किस्मत को तूने संवारा है,

आ जाओ, आ जाओ, आ जाओ,

उज्जैन के राजा तुमको आना पड़ेगा,

भक्तों को दर्शन दिखाना पड़ेगा………..

जब भी संकट आया है भारी,

तूने सबकी बिगड़ी संवारी,

तेरा ही नाम सुनके दर पर तेरे आया हूँ,

तेरे दर्शन की आस मन में लाया हूँ,

आ जाओ, आ जाओ, आ जाओ,

उज्जैन के राजा तुमको आना पड़ेगा,

भक्तों को दर्शन दिखाना पड़ेगा………..

बाबा मेरे भोले मेरे, भर दो झोली दाता मेरे,

आ जाओ, आ जाओ, आ जाओ,

उज्जैन के राजा तुमको आना पड़ेगा,

भक्तों को दर्शन दिखाना पड़ेगा……….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।